Tuesday, May 9, 2017

प्यार चाहिए तो ठीक वर्ना नमस्कार उन्हें है


कुछ इन्तजार हमें है, कुछ इन्तजार उन्हें है
हमें खुला हुआ तो छिपा छिपा प्यार उन्हें है

हमने कर दिया इजहारे इश्क सबके सामने
आँखों से करे या हया से ये अधिकार उन्हें है

हमारी हैसियत ताजमहल बनाने की नहीं पर
साँसों, धड़कनों, जिंदगी का उपहार उन्हें है

जब भी सुनेगी तो एक बार पलटेगी जरुर
दिल की गहराई से प्रीत भरी पुकार उन्हें है

न बैंक बेलेंस है न गाड़ी-बंगला है कोई ‘मधु’
प्यार चाहिए तो ठीक वर्ना नमस्कार उन्हें है
Ashok Pratap Yadav
Ashok Pratap Yadav
Ashok Pratap Yadav - chapra - Thursday, ‎January ‎08, ‎2015

Ashok Pratap Yadav
Ashok Pratap Yadav - chapra - Thursday, ‎January ‎08, ‎2015
Ashok Pratap Yadav
Ashok Pratap Yadav
Ashok Pratap Yadav - chapra - Thursday, ‎January ‎08, ‎2015
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